Monday, March 17, 2014
Thursday, February 27, 2014
स्मार्ट हुई दिल्ली पुलिस, अब स्मार्टफोन से कराएं शिकायत दर्ज
नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस को स्मार्ट पुलिस का तमगा हासिल है, यह पुलिस अब और भी ज्यादा स्मार्ट हो गई। अब आपको अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। यदि आपके पास स्मार्टफोन है तो अब आपका यह काम अंगुलियों के इशारे पर ही होगा। गुरुवार को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली पुलिस की ऑनलाइन 'लॉस्ट रिपोर्ट' ऐप्प लॉन्च की। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी भी उपस्थित थे। इस ऐप्प की मदद से आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने यह प्रयोग विशेषकर पर्यटकों के लिए किया है। पर्यटकों के साथ साथ आम आदमी भी इस ऐप्प के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। बताया जाता है कि इसके जरिए दर्ज शिकायत पूरी तरह से मान्य होगी। जल्द ही इसकी सारी जानकारी आपको दिल्ली पुलिस की वेबसाइट में मिल जाएगी। यह ऐप्प कंप्यूटर और मोबाइल दोनों में होगी। अब दिल्ली पुलिस की इस पहल से उन लोगों की दुश्वारियां दूर होंगी, जो अपनी एक शिकायत दर्ज कराने के लिए कई-कई दिन तक थानों में धक्के खाते रहते हैं। और फिर भी उनके हाथ मायूसी ही लगती है।Tuesday, December 3, 2013
दिल्ली विधानसभा चुनाव : नाचीज़ ही ना बना दे चीज़ो को नाचीज?
संजीव जैन
नई दिल्ली, दिल्ली के चुनावी दंगल में तमाम राजनीतिक पार्टियाॅं दस्साकसी में जुटी हैं, परन्तु कोई भी पार्टी अपनी नाक ऊॅंची रखने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और ‘आप’ के मुखिया अरविंद केजरीवाल को तरजीह न देने का दिखावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को हीरों बनाने के लिए मीडिया को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। एक चैनल को सक्षात्कार में शीला दीक्षित ने कहा कि आप (मीडिया) लोग बिना वजह चीज़ को नाचीज़ बना रहे हैं। वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी हर्षवर्धन एवं प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल भी दिल्ली के चुनावों में ‘आप’ की दावेदारी को सिरे से नकारते हुए नज़र आ रहे हैं। ऐसे ही कुछ हाल बसपा सुप्रीमो बहन मायावती की रैलियों में भी नज़र आ रहा है। साफ है कि कोई पार्टी अरविंद केजरीवाल या ‘आप’ को भाव न देकर उन्हें पब्लिसिटी नहीं देने को असफल प्रयास में जुटी हैं। हो ना हो इस रणनीति से वह अपनी नाक तो ऊॅची रख ही सकते हैं। परन्तु वास्तविकता क्या है इसका जवाब तो 4 दिसंबर को जनता ही दे पाएगी। चुनाव विशेषज्ञांे का मानना है कि चुनावों में ‘आप’ सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के समीकरण बिगाड़ रही है। यह समीकरण किस हद तक बिगड़तें है इसका इंतज़ार हर दिल्लीवासी को रहेगा।
नई दिल्ली, दिल्ली के चुनावी दंगल में तमाम राजनीतिक पार्टियाॅं दस्साकसी में जुटी हैं, परन्तु कोई भी पार्टी अपनी नाक ऊॅंची रखने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और ‘आप’ के मुखिया अरविंद केजरीवाल को तरजीह न देने का दिखावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को हीरों बनाने के लिए मीडिया को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। एक चैनल को सक्षात्कार में शीला दीक्षित ने कहा कि आप (मीडिया) लोग बिना वजह चीज़ को नाचीज़ बना रहे हैं। वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी हर्षवर्धन एवं प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल भी दिल्ली के चुनावों में ‘आप’ की दावेदारी को सिरे से नकारते हुए नज़र आ रहे हैं। ऐसे ही कुछ हाल बसपा सुप्रीमो बहन मायावती की रैलियों में भी नज़र आ रहा है। साफ है कि कोई पार्टी अरविंद केजरीवाल या ‘आप’ को भाव न देकर उन्हें पब्लिसिटी नहीं देने को असफल प्रयास में जुटी हैं। हो ना हो इस रणनीति से वह अपनी नाक तो ऊॅची रख ही सकते हैं। परन्तु वास्तविकता क्या है इसका जवाब तो 4 दिसंबर को जनता ही दे पाएगी। चुनाव विशेषज्ञांे का मानना है कि चुनावों में ‘आप’ सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के समीकरण बिगाड़ रही है। यह समीकरण किस हद तक बिगड़तें है इसका इंतज़ार हर दिल्लीवासी को रहेगा।
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